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हिमाचल में भाजपा के पैर उखड़ चुके, मोदी ने सिवाय भाषण के प्रदेश को कुछ नहीं दिया | Himachal Assembly Elections 2022: Congress Leader Sukhvinder Sukhu Exclusive Interview


शिमला29 मिनट पहले

हिमाचल में BJP वाले हर समय कांग्रेस में गुटबाजी का हल्ला मचाते हैं और फिर खुद ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। 2021 के उपचुनाव में भी यही हुआ लेकिन इस बार BJP के नेता सिर्फ “दुर्घटनाग्रस्त’ नहीं होंगे, बल्कि इनका बुरी तरह ‘एक्सीडेंट’ होने वाला है। ये कहना है हिमाचल कांग्रेस के नेता और पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का।

विरोधी दलों पर अपने ही स्टाइल में निशाना साधने वाले सुक्खू अपने बेबाक रवैये के लिए मशहूर हैं। BJP की हिमाचल में ‘रिवाज’ बदलने संबंधी इलेक्शन कैंपेन पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यहां रिवाज नहीं, “राज’ बदलने वाला है।

सुक्खू कहते हैं कि BJP और इसके नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है। BJP ने 2017 में धूमल को CM फेस बनाकर चुनाव जीता लेकिन धूमल को मुख्यमंत्री नहीं बनाया। वह पूछते हैं कि जब उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी को चुनाव हारने के बावजूद CM बनाया जा सकता है तो धूमल से अन्याय क्यों किया गया?

सुक्खू ने कहा कि परिवारवाद के विरोध की बात कहने वाली BJP ने इस बार आधा दर्जन से ज्यादा सीटों पर अपने नेताओं के बेटों और पत्नियों को टिकट दे दिए। दैनिक भास्कर ने हिमाचल विधानसभा चुनाव को लेकर सुखविंदर सिंह सुक्खू से विशेष बात की। पढ़िए इस बातचीत के चुनिंदा अंश…

भास्कर : BJP के आक्रामक प्रचार को कांग्रेस काउंटर कैसे करेगी?
सुखविंदर सुक्खू :
समझ नहीं आता कि ये किस तरह का आक्रामक प्रचार है। ऐसा प्रचार वो पार्टी करती है जिसे सत्ता जाने का भय होता है। PM मोदी और भाजपा नेता इस तरह के प्रचार से अपने कॉडर में जोश भरने की कोशिश भर कर रहे हैं। बेसिकली इनके पैर जमीन से उखड़ चुके हैं। 5 साल काम नहीं किया। BJP की दोहरी नीतियां हैं।

पहले परिवारवाद का विरोध किया और अब नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा और महेंद्र ठाकुर के बेटे रजत समेत कई नेताओं के बेटों को टिकट दे दिए। इन लोगों ने धूमल साहब को “खुड्डेलाइन’ लगा दिया। उत्तराखंड में जब हारे हुए धामी सीएम बन सकते हैं तो हिमाचल में धूमल साहब को क्यों नहीं बनाया? BJP धूमल के साथ अन्याय कर रही है।

भास्कर : आप कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष हैं। इस दफा प्रचार को लेकर क्या रणनीति है?
सुखविंदर सुक्खू :
हम बड़ी रैलियों में ज्यादा विश्वास नहीं करते। हर विधानसभा क्षेत्र में नेता छोटी-छोटी बैठकें करेंगे। कांग्रेस ने जो गारंटियां दी हैं, उन पर बात करेंगे। कॉडर मूवमेंट के लिए सोलन में प्रियंका गांधी की बड़ी रैली हो चुकी है। जल्दी ही एक और रैली मंडी में होगी। प्रदेश के चारों संसदीय हलकों में प्रियंका गांधी रैली और रोड शो करेंगी।

भास्कर : कांग्रेस ने अपनी चार्जशीट प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह की गैर-हाजिरी में जारी की। क्या ये गुटबाजी नहीं है?
सुखविंदर सुक्खू :
प्रदेशाध्यक्ष आनी गए थे किसी को मनाने के लिए। मैं कुलदीप कुमार को मनाने के लिए नाचन में था। इसमें गुटबाजी कहां से आ गई। गुटबाजी तब होती अगर किसी के खिलाफ कोई टिप्पणी करता। प्रतिभा सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद किसी ने उनके खिलाफ एक भी टिप्पणी की हो तो बताइये। दरअसल गुटबाजी की बात BJP वाले फैलाते हैं और फिर खुद ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। 2021 के उपचुनाव में BJP दुर्घटनाग्रस्त ही हुई थी मगर इस बार ये दुर्घटनाग्रस्त नहीं होंगे बल्कि इनका बहुत बुरा एक्सीडेंट होने वाला है।

भास्कर : कांग्रेस बहुत सारे बागियों को नहीं मना पाई। इससे पार्टी को कितना नुकसान होगा?
सुखविंदर सुक्खू :
कोई ज्यादा बागी नहीं है। जिनकी इच्छाएं जाग गई हैं, वो चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ जगह हम अपनी बात रखने में सफल नहीं हो पाए। जिन लोगों को लग रहा है कि उनके साथ अन्याय हुआ तो उनके लड़ाई लड़ने में कोई हर्ज नहीं है। लोकतंत्र में कांग्रेस ने ही 75 साल पहले सबको चुनाव लड़ने और वोट देने का अधिकार दिया था।

भास्कर : राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर है और हिमाचल में आपके नेता कांग्रेस छोड़ो यात्रा पर हैं?
सुखविंदर सुक्खू :
बंजार के खीमीराम BJP के प्रदेशाध्यक्ष थे, वह आज कांग्रेस में है। दरअसल कांग्रेस ने आने वालों के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं और जाने वालों के लिए खुले रखे हैं। जिसे जाना है, चला जाए।

भास्कर : भाजपा के डबल इंजन के विकास का जवाब कांग्रेस कैसे देगी?
सुखविंदर सुक्खू :
(मजाक उड़ाते हुए सवालिया लहजे में) कौन का डबल इंजन? 80 हजार करोड़ का कर्ज प्रदेश पर चढ़ गया। हर हिमाचली आज एक से डेढ़ लाख का कर्जदार है। PM मोदी 10 हजार करोड़ रुपए की स्पेशल ग्रांट देते तो हम भी कहते कि डबल इंजन की सरकार अच्छी है। हिमाचल को पैकेज अटल जी और मनमोहन जी ने दिए। मोदीजी हिमाचल को दूसरा घर तो कहते हैं मगर देते कुछ नहीं। खाली भाषण देते हैं। अगर वो असल में कुछ देंगे तो हम उनका भी आदर सत्कार करेंगे।

भास्कर : कांग्रेस चार-पांच दशक में पहली बार वीरभद्र सिंह के बगैर चुनाव लड़ रही है। क्या पार्टी को उनकी कमी खल रही है?
सुखविंदर सुक्खू :
जब कोई नेता चला जाता है तो उनकी विरासत युवा पीढ़ी संभालती है। चाहे वो यशवंत सिंह परमार हों, रामलाल ठाकुर हों या वीरभद्र सिंह हों। 40 साल बाद नया नेतृत्व आ रहा है। 40 साल तक वीरभद्र सिंह चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष, CM, प्रदेशाध्यक्ष व सीएलपी लीडर के नाते टिकट बांटते रहे। आज वो हमारे बीच नहीं हैं। उनके जाने के बाद हमारे सामने पहली चुनौती 2021 के उपचुनाव में आई। हमने रणनीति से उसे पार किया।

हमने हमेशा कहा है कि प्रदेश में व्यक्ति नहीं, संगठन बड़ा होना चाहिए। जब संगठन बड़ा होता है तो “हाथ’ उसका प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए “हाथ’ का निशान ही हमारा चेहरा है। उसके बाद सीएम बनने के लिए विधायक होने की इलिजिबिलिटी चाहिए। धूमल साहब सीएम फेस डिक्लेयर होते हुए भी CM नहीं बन पाए, क्योंकि सुजानपुर की जनता ने उन्हें वोट नहीं दिए। जीतने वाले सभी 68 विधायकों को मुख्यमंत्री की सोच रखनी चाहिए।

भास्कर : अगर कांग्रेस को बहुमत मिला तो पार्टी का CM चेहरा कौन होगा?
सुखविंदर सुक्खू :
जब ऐसी परिस्थिति आएगी तो जरूर बताएंगे। विधायकों और हाईकमान का विश्वास जिसके साथ होगा। अभी तो इलिजिबिलिटी बनाने का मौका है। जब मौका आएगा तो बताएंगे कि रणनीति के बाद अब राजनीति शुरू हो गई है।

भास्कर : कांग्रेस ने 10 गारंटियां दी हैं।

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