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भोटी भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने का आह्वान | Kullu: Silver Jubilee Celebrations Concluded in Buddhist School of Culture

भोटी भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने का आह्वान | Kullu: Silver Jubilee Celebrations Concluded in Buddhist Sc

भोटी भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने का आह्वान | Kullu: Silver Jubilee Celebrations Concluded in Buddhist Sc

बौद्ध धर्मगुरु लोचन टुल्कू रिंपोछे स्वागत समारोह के दौरान। - Dainik Bhaskar

बौद्ध धर्मगुरु लोचन टुल्कू रिंपोछे स्वागत समारोह के दौरान।

हिमाचल के कुल्लू स्थित बौद्ध संस्कृति विद्यालय सोमवन मनाली में विश्व शांति एवं राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए आयोजित 5 दिवसीय रजत जयंती समारोह आज संपन्न हुआ। हिमाचल बौद्ध संस्कृति संरक्षण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गेशे लामा चोसफेल जोतपा ने बताया कि इस अवसर पर विद्यालय में बने नवनिर्मित मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई।

 

रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए बौद्ध धर्मगुरु लोचन टुल्कू रिंपोछे ने कहा कि भविष्य में भी यह विद्यालय आधुनिकता के साथ पारंपरिक जीवन मूल्यों की शिक्षा प्रदान करता रहेगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक डॉ. अमरेंद्र बेहरा समेत कई वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।

समारोह के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं भोटी भाषा का महत्व संबंधी राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए लोचन चुल्कू रिपोंछे ने भोटी भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल चार तकनीकी सत्र हुए।

कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देती छात्रा।

कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देती छात्रा।

जिनकी अध्यक्षता गादेन मोनेस्ट्री मनगौड (कर्नाटक) के शास्त्रसे खेम्जुर रिंपोछे, शिक्षाविद् डॉ. अमरेंद्र बेहरा, केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान, लेह में भोटी साहित्य के प्रोफेसर डॉ. छेवांग यांग्जोर तथा सालु गाड़ा (पश्चिम बंगाल) से आए हिमाचल बौद्ध संस्कृति विद्यालय के सचिव सोनम लुंडुप ने की।

मार्च पास्ट करते विद्यालय के छात्र।

मार्च पास्ट करते विद्यालय के छात्र।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में NCERT दिल्ली के डॉ. कमलेश कुमार यादव, डॉ. अजीत, डॉ. कृति, डॉ. मेहराज अली एवं डॉ. वरुण तथा खेतड़ी (राजस्थान) के प्रो. श्यामनाथ मिश्र, दरभंगा (बिहार) के प्रो. विकास कुमार सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के शोध छात्र मोहम्मद आसिफ, भोटी विद्वान डॉ. श्रवण कुमार आदि ने अपने शोधपूर्ण विचार व्यक्ति किए।

प्राचीन भारतीय नालंदा बौद्ध परंपरा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मालिंग गोम्बू (अरुणाचल प्रदेश) ने हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तथा केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजिजू द्वारा शुभकामनाएं संदेश पढ़कर सुनाए।

 

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