पिछले 3 विधानसभा चुनावों में बराबरी का मुकाबला है, 8 दिसंबर को मतगणना होगी हिमाचल विधानसभा चुनाव 2022; पिछले 3 विधानसभा चुनावों में बराबरी का मुकाबला रहा है।

[Nurpur Hindi News ]

सोलन31 मिनट पहले

नियरी का फैसला EVM में बंद।

हिमाचल विधानसभा के हुए चुनाव के परिणाम तय करेंगे कि प्रभाव क्षेत्रों में कांग्रेस और भाजपा की जंग में कौन जीतेगा। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में पिछले 3 विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने बराबरी की टक्कर दी है। इस बार के चुनाव में कांग्रेस-भाषी जिला तो भाजपा सिरमौर जिले को अपनी मजबूत पकड़ मान रही है। जबकि सोलन में दोनों के बीच कांटे का मुकाबला हुआ।

नशे में कांग्रेस को सेब बागवानों की सरकार से दुख को अपने पक्ष में मान रही है तो सिरमौर जिले में हाटी समुदाय को चमक का स्तर मिलने से भाजपा को उम्मीद है।

संवादी गोलाकार क्षेत्र में पिछले 3 विधानसभा चुनाव के चमकदार ट्वीट के दावे हैं कि 2 बार बीजेपी ने यहां कांग्रेस की समानता तो प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने की संभावना जताई। 2007 के चुनाव में इस क्षेत्र के 17 में दोनों प्रमुख दलों को 8-8 सीट मिले।

ठियोग सीट पर निर्दलीय राकेश वर्मा लाइव। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। बाद में राकेश वर्मा भी बीजेपी में शामिल हो गए। इस चुनाव में सोलन की पांचों क्षेत्रों में भाजपा की जीत हुई थी। अनुकूल जिले में जुब्बल-कोटखाई और पैसिव की सीट तो सिरमौर में सिर्फ पांवटा साहिब की 1 सीट भाजपा को मिली।

2012 में संचारी जिले में पिछड़ी BJP
2012 के विधानसभा चुनाव के समय भाजपा सत्ता में थी, इसके बावजूद पार्टी चमकदार क्षेत्रों में पिछड़ी हुई थी। संचार जिले में भाजपा को सिर्फ एक सीट शहरी की मिली। पूरे परिसर क्षेत्र में कुल 7 सीटें मिलीं। कांग्रेस को भी 8 ही साइट्स मिलीं। 2 निर्दलीय चौपाल से बलवीर वर्मा और पावंटा से किरनेश जंग जीते हैं। सरकार कांग्रेस की बनी।

2017 में फिर बराबरी
पिछले विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी मैच टाई हुआ था। दोनों पार्टियों को 8-8 सीट्स मिलीं। ठियोग की सीट पर मार्कपा के राकेश सिंघा लाइव। इस संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस की समानता करने वाली भाजपा की सरकार बनी है।

लोकसभा और विधानसभा चुनावों के अलग-अलग विवरण
इस विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा चुनाव अलग-अलग रहेंगे। पिछली 3 तारीख की चुनावों में बीजेपी ने दर्ज की जीत। 2014 के विधानसभा चुनाव के समय हिमाचल में कांग्रेस की सरकार थी। हालांकि पिछली 2 लोकसभा चुनावों में मोदी मैजिक बीजेपी की जीत का बड़ा फैक्टर रहा है। इसी को जुबने के लिए इस बार भी विधानसभा चुनाव से पहले बताया तो चुनाव प्रचार के दौरान सोलन में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियां करवाई।
पहले कांग्रेस का गढ़ रहा
संवादात्मक क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। 1998 से पहली बार 1977 में ही यहां से गैर कांग्रेसी सांसद बने। सोलन जिले से संबंध रखने वाले कांग्रेस की सुल्तानडीपुरी लगातार 6 बार इस क्षेत्र से सांसद बने। इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के 2 प्रमुख राजनीतिक दल बीजेपी और कांग्रेस से इस बार चर्चा क्षेत्र में पार्टी मारी है, यह फैसला 8 दिसंबर को चुनाव परिणाम में आक्षेप है।

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