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एक बागवान ने भी आवेदन नहीं किया; कैबिनेट ने 6% जीएसटी देने का फैसला लिया था | एक भी सेब उत्पादक ने कार्टन पर छह प्रतिशत जीएसटी की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन नहीं किया है हिमाचल सेब | कार्टन पर जीएसटी |

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देवेंद्र हेटा/शिमला3 घंटे पहले

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हिमाचल प्रदेश के एक सेब बागवान ने 6 प्रतिशत जीएसटी प्रति पूर्ण राशि के लिए रोपण विभाग के पास आवेदन नहीं किया है। इसी राज्य सरकार के कार्टन पर 6 प्रतिशत जीएसटी छूट का लाभ एक भी बागवान को नहीं मिला।

हैरानी इस बात की है कि इस साल बागवानों ने “कार्टन व ट्रे’ पर केंद्र सरकार जीएसटी दर 12 से बढ़ाकर 18% करने का जबरदस्त विरोध किया है। इसके विरोध में बागवानों ने लदान माह से अधिक समय तक चढ़ाई पर लंबी लड़ाई लड़ी है। ।

बागवानों के विरोध के बाद जयराम कैबिनेट ने 6% GST दर का भुगतान सरकार द्वारा करने की गारंटी दी। कैबिनेट के इस फैसले के तहत 6% GST छूट के लिए बागवानों को हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के पास आवेदन करना था। जीएसटी प्रति राशि के लिए आवेदन करते हुए शराब का बिल जमा करना अनिवार्य है।

ऐप को रोपण विभाग द्वारा प्रमाणीकरण करने के बाद सरकारी पहल एचपीएमसी ने बागवानों को जीएसटी प्रति पूरा राशि लौटा दी थी, लेकिन एक भी बागवान ने इसके लिए आवेदन करने में रुचि नहीं दिखाई, जबकि इस बार करीब 4.25 करोड़ कार्टन बिका है।

सरकारी सिस्टम को दोषी ठहरा रहे हैं

GST के लिए आवेदन नहीं करने के लिए बागवान सरकारी सिस्टम को ही दोष दे रहे हैं। किसान मंच के सह आयुक्त संजय चौहान ने बताया कि बागवान शुरू से कह रहे थे कि उन्हें बाजार में 6 प्रतिशत जीएसटी टिकट के साथ कार्टन जा रहे हैं, जीएसटी प्रतिपक्ष राशि के लिए जिस तरह की झांसे में आ गए, क्योंकि उन्हें पूरा कर देना बागवानों के लिए संभव नहीं था।

परिसर के कारण लागू नहीं कर पाए बागवान: प्रथम

सेब निर्माता संघ ठियोग के अध्यक्ष के दूसरे वर्मा ने बताया कि सीजन के दौरान ही लेबर की कमी खलती है। ऐसे वक्त में सरकार ने मात्र 6 फीसदी जीएसटी राशि के लिए कई अधिकृतताएं पूरी करने की शर्त पूरी करने की, जिन्हें पूरा कर पाना संभव नहीं था। यही वजह रही कि बागवान शुरू से ही कॉम्प्लेक्शन का विरोध कर रहे थे। इसी वजह से बागवान लागू नहीं कर पाए।

कार्टन डीलर बिल वर्मा नहीं देंगे

ठियोग के बागवान संजीव वर्मा ने बताया कि ज्यादातर कार्टन डीलर का बिल नहीं देते। ऐसे में बिना बिल के कार्टन पर जीएसटी प्रति धारणा को लागू करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि सेब उद्योग पहले ही जाति जातियां बढ़ने से संकट में हैं। ऐसे में कार्टन पर GST 18% करने से कार्टन का डैम स्काई स्किग लग रहा है। वे केंद्र व राज्य से सरकार की मांग करते हैं कि अगले सीजन से कार्टन को GST से मुक्त कर दिया जाए।

प्रदेश के बाहर प्रदर्शन करते बागवान (फाइल फोटो)

प्रदेश के बाहर प्रदर्शन करते बागवान (फाइल फोटो)

एक भी बागवान ने नहीं किया लागू: मोकाटा

कार्यकारी योजना निदेशक सुदेश मोक्टा ने बताया कि सरकार ने सभी बागवानों को 6% प्रतिशत जीएसटी प्रति मूल राशि देने का फैसला लिया था, लेकिन एक भी बागवान ने विभाग के पास सब्सिडी के लिए आवेदन नहीं किया।

ट्रे के बांध में 300 रुपए तक का टॉस

बता दें कि मोदी सरकार द्वारा कार्टन पर जीएसटी 6 प्रतिशत बढ़ाने के बाद इस सीजन में कार्टन व ट्रे के दाम में भारी इजाफा हुआ है। खासतौर पर ट्रे के दाम प्रति राइट 150 से 300 रुपए तक है। इसी तरह कार्टन के रेट में भी 12 से 20 रुपए तक उछाल आया है।

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